April 27, 2019
Sebi kya hai सेबी क्या है what is sebi
SEBI KYA HAI (सेबी क्या है ?)
SEBI ( The Securities Exchange Board of India) :- भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड है, जिसकी स्थापना 12 अप्रेल 1992 में हुुुई है। सेबी का मुख्यालय बांद्रा कुर्ला ( मुंबई) में है।
SEBI का प्रमुख उद्देश्य :-
भारतीय स्टाक निवेशकों के हितों का बेहतर सुरक्षा प्रदान करना और स्टॉक एक्सचेंज के Development तथा उसे सुचारू रूप से चलाने के लिए नियम क़ानून की व्यवस्था और नियंत्रण करना है,
सेबी ,स्टॉक एक्सचेंज में शामिल तीन Groups के लिए जवाबदेह है,
1- शेयर या SECURITIES ISSUE करने वाली कमपनी
2- शेयर या SECURITIES खरीदने वाले STOCK MARKET PARTICIPANTS
3- शेयर बाज़ार में शामिल Intermediaries, जैसे :-स्टॉक ब्रोकर, बैंक, अन्य संस्थाए ।
1- शेयर या SECURITIES ISSUE करने वाली कमपनी
2- शेयर या SECURITIES खरीदने वाले STOCK MARKET PARTICIPANTS
3- शेयर बाज़ार में शामिल Intermediaries, जैसे :-स्टॉक ब्रोकर, बैंक, अन्य संस्थाए ।
सेबी का क्या काम है ? :-
आइये अब हम बात करते है ? सेबी के काम के बारे में,
सेबी एक महत्वपूर्ण संस्था है, और वो स्टॉक EXCHANGE के कार्यो को पूरी तरह कण्ट्रोल करती है,
सेबी द्वारा किये जाने वाले कुछ प्रमुख कार्य है।
1. Stock Exchange के लिए नियम और कानून बनाना,
2. स्टॉक मार्केट संबंधित कानून में संशोधन करना
3. सेक्योरिटीज मार्केट में निवेशको के हितों का संरक्षण,
4.स्टॉक एक्सचेंजो तथा किसी भी अन्य प्रतिभूति बाजार के व्यवसाय का नियमन करना।
5. स्टॉक ब्रोकर्स, सब-ब्रोकर्स, शेयर ट्रान्सफर एजेंट्स, ट्रस्टीज, मर्चेंट बैंकर्स, अंडर-रायटर्स, पोर्टफोलियो मैनेजर आदि के कार्यो का नियमन करना एवं उन्हें Registeredकरना।
6. Mutual Funds की सामूहिक निवेश योजनाओ को Registered करना तथा उनका नियमन करना।
7. प्रतिभूतियों बाजार से सम्बंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों (Unfair Trade Practices) को समाप्त करना।
8.प्रतिभूति बाजार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना तथा निवेशकों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
9. Stocks की Insiders Trading पर रोक लगाना,
3. सेक्योरिटीज मार्केट में निवेशको के हितों का संरक्षण,
4.स्टॉक एक्सचेंजो तथा किसी भी अन्य प्रतिभूति बाजार के व्यवसाय का नियमन करना।
5. स्टॉक ब्रोकर्स, सब-ब्रोकर्स, शेयर ट्रान्सफर एजेंट्स, ट्रस्टीज, मर्चेंट बैंकर्स, अंडर-रायटर्स, पोर्टफोलियो मैनेजर आदि के कार्यो का नियमन करना एवं उन्हें Registeredकरना।
6. Mutual Funds की सामूहिक निवेश योजनाओ को Registered करना तथा उनका नियमन करना।
7. प्रतिभूतियों बाजार से सम्बंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों (Unfair Trade Practices) को समाप्त करना।
8.प्रतिभूति बाजार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना तथा निवेशकों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
9. Stocks की Insiders Trading पर रोक लगाना,
स्टॉक मार्केट में सेबी की भूमिका :-
आइये अब देखते है, स्टॉक मार्केट में सेबी की भूमिका , स्टॉक मार्केट को नियमित रूप से चलाने में सेबी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, आज अगर स्टॉक मार्केट सही तरह से काम कर रहा है, तो इसके पीछे सेबी की सबसे प्रमुख भूमिका है, जो स्टॉक एक्सचेंज के कार्यो का नियमन और नियंत्रण करती है, सेबी के कारण ही एक छोटा निवेशक भी स्टॉक एक्सचेंज पर अपना भरोसा कर सकता है, क्योंकि सेबी का प्रमुख उद्धेश्य निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना है,
सभी शेयर बाज़ार पार्टिसिपेंट का मात्र एक ही उद्देश्य होता है-शेयर से लाभ कमाना और उस लाभ से पैसा बनाना, और जहाँ पैसा होता है, वहाँ लालच, बुराई, डर, सभी तरह की भावनाएं शामिल हो जाती है, और ज्यादा पैसे के लालच में लोग गलत तरीके से पैसा बनाने की कोशिश किया करते है ।
इन्ही सब बातों को देखते हुए, शेयर बाज़ार से अलग एक ऐसी ही संस्था की जरूरत भी महसूस होती है, जो कि ये तय और सुनिश्चित कर सके कि शेयर बाज़ार में सभी शामिल प्रतिभागी सही काम कर रहे है कि नही । और किसी तरह का कोई गलत काम नही हो रहा हैं,
सेबी द्वारा नियंत्रित की जाने वाली संस्थाए:-
अब बात करते है सेबी कैसे सिक्योरिटीज मार्किट को कण्ट्रोल करता है ,सेबी ने सेक्युरिट्स मार्केट को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए आगे बताये गए संस्थाओ को कण्ट्रोल करती है, और उनके लिए सेक्युरिट्स से जुड़े अलग अलग सौदों को नियंत्रित करते है l
1. CREDIT Rating Agency:-
ये संस्थाए कॉर्पोरेट और गवर्नमेंट की लोन लेने की क्षमता का आंकलन करती है, जैसे- CRISIL, ICRA, CARE
2. Debentures Trustees:-
इसमे लगभग सभी भारतीय बैंक आ जाते है, जो कॉरपोरेट/कंपनियो को डिबेंचर्स बॉन्ड के बदले loan देती है, और ये डिबेंचर आम जनता द्वारा भी बैंक के माध्यम से खरीदे जा सकते है,
3. Depositories :-
Depositories यानी वे संस्थाए जो शेयर सेक्युरिट्स को डिजिटल फॉर्म में सभी छोटे बड़े इन्वेस्टर का अलग अलग एकाउंट ओपन करके उनके एकाउंट में खरीदे गए शेयर्स को जमा करती है, जैसे NSDL और CDSL, जो DEMAT ACCOUNT की सर्विसेज देते है,
4. Depositories Participant:-
हम में से कोई भी DIRECTLY किसी DEPOSITERIES के पास अपना ACCOUNT नही खोल सकता है, हमे डिमैट एकाउंट ओपन करने के लिए DEPOSITERIES PARTICIPANTS के पास जाना होता है, जैसे- तमाम बैंक्स, और STOCK BROKERS
FII द्वारा किये जाने वाले TRANSACTION को भी सेबी नियंत्रित करती है,
6. मर्चेंट बैंकर्स :-
MERCHANT BANKER कंपनी को IPO लाने में HELP करते है, जैसे- KARVY, AXIS BANK, ICICI BANK
इनके कार्यो का भी सेबी नियंत्रण करती है।
7.AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) :–
इसमे सभी म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियां आ जाती है, जो लोगो से पैसे इकठ्ठा करके उन्हें शेयर बाज़ार में निवेश करती है, इन सभी को सेबी का पास से लाइसेंस लेना होता है, और सेबी द्वारा बनाये गए नियमो के अनुसार काम करना होता है,
8.PMS- (Portfolio Management Services.):-
PMS बिल्कुल म्यूच्यूअल फण्ड की तरह ही होता है, लेकिन इसमें कम से कम 25 लाख रुपये की निवेश की न्यूनतम सीमा है, जैसे- RELIGARE WEALTH, पराग पारिख, आदि,
9. स्टॉक ब्रोकर और स्टॉक सब ब्रोकर :-
स्टॉक ब्रोकर एक मुख्य कड़ी है, जिसके माध्यम से हम STOCK EXCHANGE पर स्टॉक खरीदने या बेचने का आर्डर देते है, सेबी सभी स्टॉक एक्सचेंज को लाइसेंस देने के साथ साथ उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यो के लिए अलग अलग नियम और कानून बनाकर, उनका नियंत्रण करती है,
दोस्तों ,
सेबी के बारे में अब आप समझ गए होंगे कि - सेबी क्या है, सेबी का काम क्या है, सेबी काम कैसे करता है, सेबी का म्यूच्यूअल फण्ड व् अन्य इंवेस्मेंट प्रोडक्ट में क्या रोल( भूमिका) है।
और अगर ये आर्टिकल आप लोंगों को अच्छा लगा हो तो नीचे अपना कमेंट जरुर लिखे ।


